وَأَنَّا مِنَّا ٱلۡمُسۡلِمُونَ وَمِنَّا ٱلۡقَٰسِطُونَۖ فَمَنۡ أَسۡلَمَ فَأُوْلَٰٓئِكَ تَحَرَّوۡاْ رَشَدٗا ١٤
और यह कि हममें से कुछ आज्ञाकारी हैं और हममें से कुछ अत्याचारी हैं। फिर जो आज्ञाकारी हो गया, तो वही लोग हैं जिन्होंने सीधा रास्ता खोजा।
तफ़सीर
और यह कि हममें से कुछ लोग अल्लाह की आज्ञा का पालन करने वाले मुसलमान हैं, तथा हममें से कुछ लोग सत्य और धार्मिकता के मार्ग से हटे हुए हैं। अतः जो आज्ञापालन और अच्छे कार्य के साथ अल्लाह का आज्ञाकारी हो गया, तो वही लोग हैं, जिन्होंने हिदायत और सत्य का मार्ग अपनाया।