सूरह Al-Isra, आयत 98

17:98

ذَٰلِكَ جَزَآؤُهُم بِأَنَّهُمۡ كَفَرُواْ بِـَٔايَٰتِنَا وَقَالُوٓاْ أَءِذَا كُنَّا عِظَٰمٗا وَرُفَٰتًا أَءِنَّا لَمَبۡعُوثُونَ خَلۡقٗا جَدِيدًا ٩٨

यही उनका बदला है। क्योंकि उन्होंने हमारी आयतों का इनकार किया और कहा : क्या जब हम हड्डियाँ और चूरा-चूरा हो जाएँगे, तो क्या निश्चय ही हम नए सिरे से पैदा करके उठाए जाने वाले हैं?58

फ़ुटनोट

58 अर्थात ऐसा होना संभव नहीं है कि जब हमारी हड्डियाँ सड़ गल जाएँ तो हम फिर उठाए जाएँगे।

तफ़सीर

यह सज़ा जो उन्हें झेलनी पड़ेगी, यह उनका बदला है उनके हमारी अपने रसूल पर उतारी गई आयतों का इनकार करने और मरणोपरांत पुनर्जीवित होने को असंभव समझते हुए यह कहने के कारण कि : क्या जब हम मरकर सड़ी-गली हड्डियाँ और विचूर्ण टुकड़े हो जाएँगे, तो क्या हम नए सिरे से पैदा करके उठाए जाएँगे?