सूरह Al-Isra, आयत 96

17:96

قُلۡ كَفَىٰ بِٱللَّهِ شَهِيدَۢا بَيۡنِي وَبَيۡنَكُمۡۚ إِنَّهُۥ كَانَ بِعِبَادِهِۦ خَبِيرَۢا بَصِيرٗا ٩٦

आप कह दें कि मेरे और तुम्हारे बीच गवाह57 के रूप में अल्लाह काफ़ी है। निःसंदेह वह अपने बंदों की पूरी ख़बर रखने वाला, सबको देखने वाला है।

फ़ुटनोट

57 अर्थात मेरे रसूल होने का गवाह अल्लाह है।

तफ़सीर

(ऐ रसूल) आप कह दीजिए : मेरे और तुम्हारे बीच इस बात की गवाही के लिए अल्लाह ही काफ़ी है कि मैं तुम्हारी ओर एक रसूल बना कर भेजा गया हूँ, और मैंने वह संदेश तुम्हें पहुँचा दिया, जिसके साथ मैं तुम्हारी ओर भेजा गया हूँ। वह अपने बंदों की स्थितियों से पूरी तरह अवगत है। उससे उनमें से कुछ भी छिपा नहीं है। वह दिलों के सभी रहस्यों को जानने वाला है।