وَإِذَآ أَنۡعَمۡنَا عَلَى ٱلۡإِنسَٰنِ أَعۡرَضَ وَنَـَٔا بِجَانِبِهِۦ وَإِذَا مَسَّهُ ٱلشَّرُّ كَانَ يَـُٔوسٗا ٨٣
और जब हम इनसान पर उपकार करते हैं, तो वह मुँह फेर लेता है और दूर हो जाता53 है। तथा जब उसे दुःख पहुँचता है, तो निराश हो जाता है।
फ़ुटनोट
53 अर्थात अल्लाह की आज्ञा का पालन करने से।
तफ़सीर
और जब हम मनुष्य को कोई नेमत, जैसे स्वास्थ्य और मालदारी आदि प्रदान करते हैं, तो वह अल्लाह का शुक्रिया अदा करने और उसका आज्ञापालन करने से मुँह फेर लेता है, और घमंड के कारण दूर चला जाता है। और जब वह किसी बीमारी या गरीबी आदि से पीड़ित होता है, तो अल्लाह की दया से बहुत निराश और हताश हो जाता है।