وَمَنۡ أَرَادَ ٱلۡأٓخِرَةَ وَسَعَىٰ لَهَا سَعۡيَهَا وَهُوَ مُؤۡمِنٞ فَأُوْلَٰٓئِكَ كَانَ سَعۡيُهُم مَّشۡكُورٗا ١٩
तथा जो व्यक्ति आख़िरत चाहता है और उसके लिए प्रयास करता है, जबकि वह ईमान रखने वाला हो, तो वही लोग हैं, जिनके प्रयास का सम्मान किया जाएगा।
तफ़सीर
और जिस व्यक्ति ने अपने नेक कर्मों से आखिरत के प्रतिफल का इरादा किया और उसके लिए दिखावा और प्रसिद्धि से दूर रहकर प्रयास किया, जबकि वह उन चीज़ों पर ईमान रखने वाला हो, जिनपर ईमान लाना अल्लाह ने अनिवार्य किया है, तो यही इन गुणों से सुसज्जित लोग ही हैं जिनका प्रयास अल्लाह के निकट स्वीकृत होगा और वह उन्हें उसका बदला देगा।