सूरह Al-Inshiqaq, आयत 18

84:18

وَٱلۡقَمَرِ إِذَا ٱتَّسَقَ ١٨

तथा चाँद की, जब वह पूरा हो जाता है।

तफ़सीर

तथा चाँद की (क़सम खाई है), जब वह एकत्रित होकर पूरा हो जाए और चौदहवीं का चाँद बन जाए।