إِنَّهُۥ كَانَ فِيٓ أَهۡلِهِۦ مَسۡرُورًا ١٣
निःसंदेह वह अपने घर वालों में बड़ा प्रसन्न था।
तफ़सीर
निःसंदेह वह दुनिया में, अपने परिवार में, अपने कुफ़्र और पाप की स्थिति पर बड़ा खुश रहता था।
إِنَّهُۥ كَانَ فِيٓ أَهۡلِهِۦ مَسۡرُورًا ١٣
निःसंदेह वह अपने घर वालों में बड़ा प्रसन्न था।
निःसंदेह वह दुनिया में, अपने परिवार में, अपने कुफ़्र और पाप की स्थिति पर बड़ा खुश रहता था।