सूरह Al-Inshiqaq, आयत 1

84:1

إِذَا ٱلسَّمَآءُ ٱنشَقَّتۡ ١

जब आकाश फट जाएगा।

तफ़सीर

जब आकाश फट जाएगा, ताकि उससे फ़रिश्ते उतर सकें।