सूरह Al-Imran, आयत 90

3:90

إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ بَعۡدَ إِيمَٰنِهِمۡ ثُمَّ ٱزۡدَادُواْ كُفۡرٗا لَّن تُقۡبَلَ تَوۡبَتُهُمۡ وَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلضَّآلُّونَ ٩٠

निःसंदेह जिन लोगों ने अपने ईमान के बाद कुफ़्र किया, फिर कुफ़्र में बढ़ गए, उनकी तौबा कदापि48 स्वीकार न की जाएगी तथा वही लोग पथभ्रष्ट हैं।

फ़ुटनोट

48 अर्थात यदि मौत के समय क्षमा याचना करें।

तफ़सीर

निःसंदेह जिन लोगों ने अपने ईमान के बाद कुफ़्र किया और अपने कुफ़्र पर बने रहे यहाँ तक कि उन्होंने मृत्यु को देख लिया; तो मृत्यु के उपस्थित होने के समय उनसे तौबा हरगिज़ क़बूल नहीं की जाएगी क्योंकि उसका समय बीत चुका। और यही लोग हैं जो अल्लाह की ओर ले जाने वाले सीधे मार्ग से भटके हुए हैं।