सूरह Al-Imran, आयत 88

3:88

خَٰلِدِينَ فِيهَا لَا يُخَفَّفُ عَنۡهُمُ ٱلۡعَذَابُ وَلَا هُمۡ يُنظَرُونَ ٨٨

हमेशा उसमें रहने वाले हैं, न उनका अज़ाब हल्का किया जाएगा और न उन्हें मोहलत दी जाएगी।

तफ़सीर

वे सदा आग में रहेंगे, उन्हें उससे निकाला नहीं जाएगा, और न ही उनसे उसके अज़ाब को हल्का किया जाएगा, और न ही उन्हें पश्चाताप करने और माफ़ी माँगने की मोहलत दी जाएगी।