كَيۡفَ يَهۡدِي ٱللَّهُ قَوۡمٗا كَفَرُواْ بَعۡدَ إِيمَٰنِهِمۡ وَشَهِدُوٓاْ أَنَّ ٱلرَّسُولَ حَقّٞ وَجَآءَهُمُ ٱلۡبَيِّنَٰتُۚ وَٱللَّهُ لَا يَهۡدِي ٱلۡقَوۡمَ ٱلظَّٰلِمِينَ ٨٦
अल्लाह उन लोगों को कैसे हिदायत देगा, जिन्होंने अपने ईमान के बाद कुफ़्र किया और (इसके बाद कि) उन्होंने गवाही दी कि निश्चय यह रसूल सच्चा है तथा उनके पास स्पष्ट प्रमाण आ चुके?! और अल्लाह अत्याचारियों को हिदायत नहीं देता।
तफ़सीर
अल्लाह अपने आपपर और अपने रसूल पर ईमान लाने की तौफीक़ उन लोगों को कैसे प्रदान करेगा, जिन्होंने अल्लाह पर ईमान लाने तथा रसूल मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के लाए हुए धर्म के सत्य होने की गवाही देने के बाद कुफ़्र किया, तथा उनके पास उसके सत्य होने के स्पष्ट प्रमाण आ चुके?! अल्लाह ऐसे अत्याचारी लोगों को ईमान की तौफीक़ नहीं देता, जिन्होंने मार्गदर्शन के स्थान पर पथभ्रष्टता को चुना।