सूरह Al-Imran, आयत 70

3:70

يَٰٓأَهۡلَ ٱلۡكِتَٰبِ لِمَ تَكۡفُرُونَ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ وَأَنتُمۡ تَشۡهَدُونَ ٧٠

ऐ अह्ले किताब! तुम क्यों अल्लाह की आयतों34 का इनकार करते हो, जबकि तुम खुद गवाही देते35 हो?

फ़ुटनोट

34 जो तुम्हारी किताब में अंतिम नबी से संबंधित हैं।

35 अर्थात उन आयतों के सत्य होने के साक्षी हो।

तफ़सीर

ऐ किताब वाले यहूदियो और ईसाइयो! तुम अल्लाह की उन आयतों का इनकार क्यों करते हो, जो तुमपर उतारी गई हैं और जो उनमें मुहम्मद - सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम - की नुबुव्वत का सबूत है, जबकि तुम इस बात के गवाह हो कि वह (मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का ईश्दूत होना) सत्य है, जिसका तुम्हारी किताबों में प्रमाण है?!