सूरह Al-Imran, आयत 29

3:29

قُلۡ إِن تُخۡفُواْ مَا فِي صُدُورِكُمۡ أَوۡ تُبۡدُوهُ يَعۡلَمۡهُ ٱللَّهُۗ وَيَعۡلَمُ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِۗ وَٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٞ ٢٩

(ऐ नबी!) कह दीजिए : यदि तुम उसे छिपाओ जो तुम्हारे सीनों में है, या उसे प्रकट करो, अल्लाह उसे जान लेगा तथा वह जानता है जो कुछ आकाशों में है और जो धरती में है, और अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।

तफ़सीर

(ऐ नबी!) आप कह दें : यदि तुम उस चीज़ को अपने सीनों में छिपाओ जिससे अल्लाह ने तुम्हें मना किया है, जैसे काफिरों से दोस्ती करना, या उसे ज़ाहिर करो, अल्लाह उसे जनता है और उसमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है। वह आकाशों और धरती की सारी चीज़ों को जानता है। और अल्लाह हर चीज़ को करने में सक्षम है, उसे कोई चीज़ विवश नहीं कर सकती।