सूरह Al-Imran, आयत 24

3:24

ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمۡ قَالُواْ لَن تَمَسَّنَا ٱلنَّارُ إِلَّآ أَيَّامٗا مَّعۡدُودَٰتٖۖ وَغَرَّهُمۡ فِي دِينِهِم مَّا كَانُواْ يَفۡتَرُونَ ٢٤

उनका यह हाल इसलिए है कि उन्होंने कहा कि दोज़ख़ की आग हमें गिनती के कुछ दिन ही छुएगी! तथा उन्हें उनके धर्म (के बारे) में उन बातों ने धोखा दिया, जो वे गढ़ा करते थे।

तफ़सीर

यह सत्य से मुँह फेरना और उससे उपेक्षा करना इस कारण है, क्योंकि वे दावा करते थे कि क़ियामत के दिन दोज़ख की आग उन्हें केवल कुछ दिनों के लिए ही छुएगी, फिर वे जन्नत में प्रवेश करेंगे। उनके इस गढ़े हुए झूठे और असत्य भ्रम ने उन्हें धोखे में डाल दिया और उन्होंने अल्लाह और उसके धर्म की अवहेलना करने का साहस किया।