رَّبَّنَآ إِنَّنَا سَمِعۡنَا مُنَادِيٗا يُنَادِي لِلۡإِيمَٰنِ أَنۡ ءَامِنُواْ بِرَبِّكُمۡ فَـَٔامَنَّاۚ رَبَّنَا فَٱغۡفِرۡ لَنَا ذُنُوبَنَا وَكَفِّرۡ عَنَّا سَيِّـَٔاتِنَا وَتَوَفَّنَا مَعَ ٱلۡأَبۡرَارِ ١٩٣
ऐ हमारे पालनहार! हमने एक पुकारने वाले117 को ईमान की ओर बुलाते हुए सुना कि अपने पालनहार पर ईमान लाओ, तो हम ईमान ले आए। ऐ हमारे पालनहार! तो अब तू हमारे पापों को क्षमा कर दे तथा हमारी बुराइयों को हमसे दूर कर दे और हमें सदाचारियों के साथ मृत्यु दे।
फ़ुटनोट
117 अर्थात अंतिम नबी मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को।
तफ़सीर
ऐ हमारे पालनहार! हमने एक ईमान की ओर बुलाने वाले को सुना – और वह तेरे पैग़ंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम हैं - जो यह कहकर बुला रहे थे : (लोगो,) तुम अपने पालनहार अल्लाह पर ईमान लाओ, जो कि एकमात्र पूज्य है। तो हम उसपर ईमान ले आए जिसकी ओर वह बुला रहे थे और उनकी शरीयत का पालन किया। अतः तू हमारे पापों को छिपाए रख और हमें बेनकाब न कर, तथा हमारी बुराइयों को क्षमा कर दे और उनपर हमारी पकड़ न कर, और हमें अच्छे कार्यों के करने और बुराइयों को छोड़ने की तौफीक़ देकर हमें सदाचारी लोगों के साथ मृत्यु दे।