सूरह Al-Imran, आयत 125

3:125

بَلَىٰٓۚ إِن تَصۡبِرُواْ وَتَتَّقُواْ وَيَأۡتُوكُم مِّن فَوۡرِهِمۡ هَٰذَا يُمۡدِدۡكُمۡ رَبُّكُم بِخَمۡسَةِ ءَالَٰفٖ مِّنَ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةِ مُسَوِّمِينَ ١٢٥

क्यों68 नहीं, यदि तुम धैर्य से काम लो और अल्लाह से डरो और फिर ऐसा हो कि वे (दुश्मन) उसी घड़ी तुमपर चढ़ आएँ, तो तुम्हारा पालनहार (तीन नहीं, बल्कि) पाँच हज़ार चिह्न69 लगे फ़रिश्तों द्वारा तुम्हारी मदद करेगा।

फ़ुटनोट

68 अर्थात इतना समर्थन बहुत है।

69 अर्थात उनपर तथा उनके घोड़ों पर चिह्न लगे होंगे।

तफ़सीर

हाँ (क्यों नहीं), तुम्हारे लिए इतना ही काफी है। जबकि तुम्हारे लिए अल्लाह की ओर से एक अन्य मदद की शुभ सूचना है : यदि तुम लड़ाई में धैर्य से काम लो और अल्लाह से डरते रहो, और तुम्हारे दुश्मनों को त्वरित मदद मिल जाए और वे तुमपर चढ़ दौड़ें, यदि ऐसा होता है, तो तुम्हरा पालनहार पाँच हज़ार फरिश्तों के द्वारा तुम्हारी सहायता करेगा, जो स्वयं को और अपने घोड़ों को स्पष्ट निशान के साथ चिह्नित किए होंगे।