يَوۡمَ تَبۡيَضُّ وُجُوهٞ وَتَسۡوَدُّ وُجُوهٞۚ فَأَمَّا ٱلَّذِينَ ٱسۡوَدَّتۡ وُجُوهُهُمۡ أَكَفَرۡتُم بَعۡدَ إِيمَٰنِكُمۡ فَذُوقُواْ ٱلۡعَذَابَ بِمَا كُنتُمۡ تَكۡفُرُونَ ١٠٦
जिस दिन कुछ चेहरे उज्जवल होंगे और कुछ चेहरे काले होंगे। फिर जिनके चेहरे काले होंगे (उनसे कहा जाएगा :) क्या तुमने अपने ईमान के बाद कुफ़्र कर लिया थाॽ तो अब अपने कुफ़्र करने के कारण यातना का स्वाद चखो।
तफ़सीर
यह बड़ा अज़ाब उनपर प्रलय के दिन उतरेगा, जब ईमान वालों के चेहरे खुशी और प्रसन्नता से चमक रहे होंगे और काफ़िरों के चेहरे दु:ख और उदासी से काले पड़ जाएंगे। चुनांचे उस महान दिन पर जिन लोगों के चेहरे काले पड़ गए होंगे, उन्हें डाँटते हुए कहा जाएगा : क्या तुमने, अपनी पुष्टि और स्वीकृति के बाद, अल्लाह के एकेश्वरवाद और उसके उस वचन का इनकार कर दिया, जो उसने तुमसे लिया था कि तुम उसके साथ किसी भी चीज़ को साझी नहीं ठहराओगेॽ! अतः तुम अल्लाह के उस अज़ाब का स्वाद चखो जो उसने तुम्हारे लिए तुम्हारे कुफ्र के कारण तैयार कर रखा है।