सूरह Al-Imran, आयत 102

3:102

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ ٱتَّقُواْ ٱللَّهَ حَقَّ تُقَاتِهِۦ وَلَا تَمُوتُنَّ إِلَّا وَأَنتُم مُّسۡلِمُونَ ١٠٢

ऐ ईमान वालो! अल्लाह से डरो, जैसा कि उससे डरना चाहिए तथा तुम्हारी मृत्यु न आए परंतु इस स्थिति में कि तुम मुसलमान हो।

तफ़सीर

ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसके रसूल का अनुसरण करने वालो! अपने पालनहार से वैसे ही डरो, जैसे उससे डरना चाहिए। और वह इस प्रकार कि उसके आदेशों का पालन करो, उसकी मना की हुई चीज़ों से दूर रहो है और उसकी नेमतों का शुक्र अदा करो। तथा अपने धर्म को मज़बूती से पकड़े रहो, यहाँ तक कि तुम्हारी मौत आए तो तुम इसी स्थिति में रहो।