सूरह Al-Hujurat, आयत 15

49:15

إِنَّمَا ٱلۡمُؤۡمِنُونَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ بِٱللَّهِ وَرَسُولِهِۦ ثُمَّ لَمۡ يَرۡتَابُواْ وَجَٰهَدُواْ بِأَمۡوَٰلِهِمۡ وَأَنفُسِهِمۡ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِۚ أُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلصَّٰدِقُونَ ١٥

निःसंदेह मोमिन तो वही लोग हैं, जो अल्लाह तथा उसके रसूल पर ईमान लाए, फिर उन्होंने संदेह नहीं किया तथा उन्होंने अपने धनों और अपने प्राणों से अल्लाह की राह में जिहाद किया। यही लोग सच्चे हैं।

तफ़सीर

मोमिन तो वही लोग हैं, जो अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाए, फिर उनके ईमान पर संदेह का गुज़र नहीं हुआ। तथा उन्होंने अपने धन एवं प्राण के साथ अल्लाह के मार्ग में जिहाद किया और इस मामले में कोई कंजूसी नहीं की। जो लोग इन गुणों से सुसज्जित हैं, वही लोग अपने ईमान में सच्चे हैं।