وَءَاتَيۡنَٰهُمۡ ءَايَٰتِنَا فَكَانُواْ عَنۡهَا مُعۡرِضِينَ ٨١
और हमने उन्हें अपनी निशानियाँ दीं, तो वे उनसे मुँह फेरने वाले थे।
तफ़सीर
और हमने उन्हें उनके सच्चे नबी होने के प्रमाण और निशानियाँ दी थीं, जिनमें से एक निशानी ऊँटनी थी। परंतु उन्होंने उन प्रमाणों से सीख नहीं लिया और उनकी कोई परवाह नहीं की।