सूरह Al-Haqqah, आयत 52

69:52

فَسَبِّحۡ بِٱسۡمِ رَبِّكَ ٱلۡعَظِيمِ ٥٢

अतः आप अपने महान पालनहार के नाम की पवित्रता का वर्णन करें।

तफ़सीर

तो (ऐ रसूल) आप अपने पालनहार को उस चीज़ से पवित्र ठहराएँ, जो उसके योग्य नहीं है। और अपने महान पालनहार के नाम का जप करें।