सूरह Al-Haqqah, आयत 50

69:50

وَإِنَّهُۥ لَحَسۡرَةٌ عَلَى ٱلۡكَٰفِرِينَ ٥٠

और निःसंदेह वह निश्चित रूप से काफ़िरों8 के लिए पछतावे का कारण है।

फ़ुटनोट

8 अर्थात जो क़ुरआन को नहीं मानते, वे अंततः पछताएँगे।

तफ़सीर

और निःसंदेह क़ुरआन को झुठलाना निश्चित रूप से क़ियामत के दिन बड़े पछतावे का कारण होगा।