كَذَّبَتۡ ثَمُودُ وَعَادُۢ بِٱلۡقَارِعَةِ ٤
समूद तथा आद (जातियों) ने खड़खड़ाने वाली (क़ियामत) को झुठला दिया।
तफ़सीर
सालेह अलैहिस्सलाम की जाति समूद और हूद अलैहिस्सलाम की जाति आद ने उस क़ियामत को झुठलाया, जो अपनी भयावहता की तीव्रता से लोगों (के दिलों) को खड़खड़ा (दहला) देगी।