सूरह Al-Haqqah, आयत 20

69:20

إِنِّي ظَنَنتُ أَنِّي مُلَٰقٍ حِسَابِيَهۡ ٢٠

मुझे विश्वास था कि मैं अपने हिसाब से मिलने वाला हूँ।

तफ़सीर

मैं दुनिया में जानता था और मुझे यक़ीन था कि मैं मरने के बाद पुनर्जीवित कर उठाया जाने वाला हूँ और अपना प्रतिफल पाने वाला हूँ।