ٱلَّذِينَ إِن مَّكَّنَّٰهُمۡ فِي ٱلۡأَرۡضِ أَقَامُواْ ٱلصَّلَوٰةَ وَءَاتَوُاْ ٱلزَّكَوٰةَ وَأَمَرُواْ بِٱلۡمَعۡرُوفِ وَنَهَوۡاْ عَنِ ٱلۡمُنكَرِۗ وَلِلَّهِ عَٰقِبَةُ ٱلۡأُمُورِ ٤١
वे लोग28 कि यदि हम उन्हें धरती में आधिपत्य प्रदान करें, तो वे नमाज़ क़ायम करेंगे और ज़कात देंगे और अच्छे काम का आदेश देंग और बुरे काम से रोकेंगे। और सभी कर्मों का परिणाम अल्लाह ही के अधिकार में है।
फ़ुटनोट
28 अर्थात जिनसे विजय का वादा किया गया है।
तफ़सीर
ये लोग जिनसे विजय का वादा किया गया है, वे हैं कि यदि हम उन्हें उनके दुश्मनों पर विजय देकर धर्ती में उन्हें आधिपत्य प्रदान करें, तो वे पूर्ण रूप से नमाज़ पढ़ेंगे, अपने धन की ज़कात देंगे, शरीयत ने जिन कामों का आदेश दिया है उनका हुक्म देंगे और जिन कामों से रोका है उनसे रोकेंगे। और सवाब तथा सज़ा देने के संबंध में सभी मामले केवल अल्लाह ही की ओर लौटते हैं।