सूरह Al-Hadid, आयत 6

57:6

يُولِجُ ٱلَّيۡلَ فِي ٱلنَّهَارِ وَيُولِجُ ٱلنَّهَارَ فِي ٱلَّيۡلِۚ وَهُوَ عَلِيمُۢ بِذَاتِ ٱلصُّدُورِ ٦

वह रात्रि को दिन में दाखिल करता है और दिन को रात्रि में दाखिल करता है तथा वह सीनों की बातों को ख़ूब जानने वाला है।

तफ़सीर

वह रात को दिन में दाखिल करता है, तो अंधेरा छा जाता है और लोग नींद की आग़ोश में चले जाते हैं, तथा दिन को रात में दाख़िल करता है, तो प्रकाश आ जाता है और लोग अपने कामों में लग जाते हैं। और वह अपने बंदों के दिलों की सभी बातों को जानता है, उनमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है।