सूरह Al-Hadid, आयत 22

57:22

مَآ أَصَابَ مِن مُّصِيبَةٖ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَلَا فِيٓ أَنفُسِكُمۡ إِلَّا فِي كِتَٰبٖ مِّن قَبۡلِ أَن نَّبۡرَأَهَآۚ إِنَّ ذَٰلِكَ عَلَى ٱللَّهِ يَسِيرٞ ٢٢

धरती में तथा तुम्हारे प्राणों पर जो भी विपदा आती है, वह एक किताब में अंकित है, इससे पहले कि हम उसे पैदा करें।14 निश्चय यह अल्लाह के लिए बहुत आसान है।

फ़ुटनोट

14 अर्थात इस संसार और मनुष्य के अस्तित्व से पूर्व ही अल्लाह ने अपने ज्ञान अनुसार 'लौह़े मह़फ़ूज़' (सुरक्षित पट्टिका) में लिख रखा है। ह़दीस में है कि अल्लाह ने पूरी सृष्टि का भाग्य आकाशों तथा धरती की रचना से पचास हज़ार वर्ष पहले लिख दिया, जबकि उसका अर्श पानी पर था। (सह़ीह़ मुस्लिम : 2653)

तफ़सीर

लोगों पर जो भी मुसीबत धरती में आती हैं, जैसे सूखा और अन्य चीजें, तथा उनपर जो भी विपत्ति खुद अपने ऊपर आती है, वह हमारे सृष्टि की रचना करने से पहले ही से 'लौह़े महफ़ूज़' (सुरक्षित पट्टिका) में लिखी हुई है। निश्चय यह अल्लाह के लिए बहुत आसान है।