وَلَقَدۡ صَرَّفۡنَٰهُ بَيۡنَهُمۡ لِيَذَّكَّرُواْ فَأَبَىٰٓ أَكۡثَرُ ٱلنَّاسِ إِلَّا كُفُورٗا ٥٠
निःसंदेह हमने उसे उनके दरमियान विभिन्न ढंग से वर्णन किया, ताकि वे उपदेश ग्रहण करें। परंतु अधिकतर लोगों ने इनकार और नाशुक्री ही की नीति अपनाई।
तफ़सीर
हमने क़ुरआन में उन तर्कों और प्रमाणों को विविध रूप से वर्णन किया, ताकि वे सीख ग्रहण करें। परंतु अधिकांश लोगों ने सत्य को नकारने और उससे अनजान बनने ही की नीति अपनाई।