सूरह Al-Furqan, आयत 31

25:31

وَكَذَٰلِكَ جَعَلۡنَا لِكُلِّ نَبِيٍّ عَدُوّٗا مِّنَ ٱلۡمُجۡرِمِينَۗ وَكَفَىٰ بِرَبِّكَ هَادِيٗا وَنَصِيرٗا ٣١

और इसी तरह हमने हर नबी के लिए अपराधियों में से कोई न कोई शत्रु बना दिया और आपका पालनहार मार्गदर्शन प्रदान करने वाला तथा सहायता करने वाला काफ़ी है।

तफ़सीर

ऐ रसूल! जिस प्रकार आपको आपके समुदाय द्वारा कष्ट दिया गया और लोगों को आपकी राह से रोका गया, उसी प्रकार हमने आपसे पूर्व नबियों में से प्रत्येक नबी के लिए उसके समुदाय के अपराधियों में से एक दुश्मन बना दिया। तथा आपका रब एक पथ-प्रदर्शक के रूप में पर्याप्त है जो सत्य का मार्गदर्शन करता है, तथा वह एक सहायक के रूप में पर्याप्त है, जो आपके शत्रु के विरुद्ध आपकी सहायता करता है।