وَٱلَّيۡلِ إِذَا يَسۡرِ ٤
और रात की, जब वह चलती है!
तफ़सीर
और रात की क़सम खाई है, जब वह आए, चले और प्रस्थान करे। इन क़समों का जवाब यह है कि : तुम अपने कर्मों का अवश्य बदला दिए जाओगे।
وَٱلَّيۡلِ إِذَا يَسۡرِ ٤
और रात की, जब वह चलती है!
और रात की क़सम खाई है, जब वह आए, चले और प्रस्थान करे। इन क़समों का जवाब यह है कि : तुम अपने कर्मों का अवश्य बदला दिए जाओगे।