وَٱدۡخُلِي جَنَّتِي ٣٠
और मेरी जन्नत में प्रवेश कर जा।5
फ़ुटनोट
5 (27-30) इन आयतों में उनके सुख और सफलता का वर्णन किया गया है, जो क़ुरआन की शिक्षा का अनुपालन करते हुए आत्मा की शांति के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
तफ़सीर
और उनके साथ मेरी जन्नत में दाख़िल हो जा, जिसे मैंने उनके लिए तैयार कर रखी है।