सूरह Al-Fajr, आयत 2

89:2

وَلَيَالٍ عَشۡرٖ ٢

तथा दस रातों की!

तफ़सीर

और ज़ुल-हिज्जा के महीने की प्रथम दस रातों की क़सम खाई है।