وَشَاهِدٖ وَمَشۡهُودٖ ٣
क़सम है गवाह की और उसकी, जिसके बारे में गवाही दी जाएगी!
तफ़सीर
और अल्लाह ने हर गवाही देने वाले की क़सम खाई, जैसे कि नबी अपनी उम्मत पर गवाही देगा, और उसकी क़सम खाई है, जिसके बारे में गवाही दी जाएगी, जैसे कि उम्मत, जिसपर उसका नबी गवाही देगा।