وَٱلۡيَوۡمِ ٱلۡمَوۡعُودِ ٢
और क़सम है उस दिन की, जिसका वादा किया गया है!
तफ़सीर
और क़ियामत के दिन की क़सम खाई है, जिसमें उसने सभी प्राणियों को इकट्ठा करने का वादा किया है।
وَٱلۡيَوۡمِ ٱلۡمَوۡعُودِ ٢
और क़सम है उस दिन की, जिसका वादा किया गया है!
और क़ियामत के दिन की क़सम खाई है, जिसमें उसने सभी प्राणियों को इकट्ठा करने का वादा किया है।