وَإِذۡ أَخَذۡنَا مِيثَٰقَكُمۡ وَرَفَعۡنَا فَوۡقَكُمُ ٱلطُّورَ خُذُواْ مَآ ءَاتَيۡنَٰكُم بِقُوَّةٖ وَٱذۡكُرُواْ مَا فِيهِ لَعَلَّكُمۡ تَتَّقُونَ ٦٣
और (उस समय को याद करो) जब हमने तुमसे दृढ़ वचन लिया और तूर (पर्वत) को तुम्हारे ऊपर उठाया। हमने जो (पुस्तक) तुम्हें दी है, उसे मज़बूती से पकड़ो और जो उसमें (आदेश-निर्देश) है, उसे याद करो; ताकि तुम (अज़ाब से) बच जाओ।
तफ़सीर
अल्लाह तथा उसके रसूलों पर ईमान लाने के उस पक्के वचन को याद करो, जो हमने तुमसे लिया था, और हमने तुम्हें डराने के लिए तथा वचन पर अमल न करने से सावधान करते हुए पहाड़ को तुम्हारे ऊपर उठा लिया, तुम्हें यह आदेश देते हुए कि हमारी उतारी हुई पुस्तक तौरात को पूरी शक्ति के साथ, बिना किसी लापरवाही और आलस्य के थाम लो, तथा जो कुछ उसमें है उसे याद कर लो और उसपर चिंतन-मनन करो। ताकि ऐसा करके, तुम अल्लाह के अज़ाब से बच जाओ।