सूरह Al-Baqarah, आयत 49

2:49

وَإِذۡ نَجَّيۡنَٰكُم مِّنۡ ءَالِ فِرۡعَوۡنَ يَسُومُونَكُمۡ سُوٓءَ ٱلۡعَذَابِ يُذَبِّحُونَ أَبۡنَآءَكُمۡ وَيَسۡتَحۡيُونَ نِسَآءَكُمۡۚ وَفِي ذَٰلِكُم بَلَآءٞ مِّن رَّبِّكُمۡ عَظِيمٞ ٤٩

तथा (वह समय याद करो) जब हमने तुम्हें फ़िरऔनियों25 से मुक्ति दिलाई, जो तुम्हें बुरी यातना देते थे; तुम्हारे बेटों को बुरी तरह ज़बह कर देते थे तथा तुम्हारी स्त्रियों को जीवित छोड़ देते थे। इसमें तुम्हारे पालनहार की ओर से बड़ी परीक्षा थी।

फ़ुटनोट

25 फ़िरऔन मिस्र के शासकों की उपाधि होती थी।

तफ़सीर

ऐ बनी इसराईल! उस समय को याद करो, जब हमने तुम्हें फ़िरऔन के लोगों से छुड़ाया, जो तुम्हें नाना प्रकार की यातनाएँ देते थे; वे तुम्हारे बेटों को बुरी तरह ज़बह कर देते थे, ताकि तुम्हारा कोई अस्तित्व न रहे और तुम्हारी बेटियों को जीवित छोड़ देते थे, ताकि वे उनकी सेवा करने वाली स्त्रियां हो जाएँ। इससे उनका मक़सद तुम्हारा घोर अपमान करना था। तुम्हें फ़िरऔन और उसके अनुयायियों के अत्याचार से बचाना तुम्हारे पालनहार की ओर से एक बड़ी परीक्षा है; ताकि तुम उसका शुक्रिया अदा करो।