ٱلشَّيۡطَٰنُ يَعِدُكُمُ ٱلۡفَقۡرَ وَيَأۡمُرُكُم بِٱلۡفَحۡشَآءِۖ وَٱللَّهُ يَعِدُكُم مَّغۡفِرَةٗ مِّنۡهُ وَفَضۡلٗاۗ وَٱللَّهُ وَٰسِعٌ عَلِيمٞ ٢٦٨
शैतान तुम्हें निर्धनता से डराता है तथा निर्लज्जता का आदेश देता है, जबकि अल्लाह तुम्हें अपनी ओर से क्षमा और अनुग्रह का वादा देता है। तथा अल्लाह विस्तार वाला, सब कुछ जानने वाला है।
तफ़सीर
शैतान तुम्हें ग़रीबी से डराता और कंजूसी पर उभारता है, तथा तुम्हें पाप और अवज्ञा करने के लिए बुलाता है। जबकि अल्लाह तुम्हारे पापों के लिए बड़ी क्षमा तथा व्यापक जीविका का वादा करता है। और अल्लाह विशाल अनुग्रह वाला, अपने बंदों की स्थितियों के बारे में ख़ूब जानने वाला है।