خَٰلِدِينَ فِيهَا لَا يُخَفَّفُ عَنۡهُمُ ٱلۡعَذَابُ وَلَا هُمۡ يُنظَرُونَ ١٦٢
वे हमेशा इसी (दशा) में रहने वाले हैं, न उनसे यातना हल्की की जाएगी और न उन्हें मोहलत दी जाएगी।
तफ़सीर
वे इसी लानत (अभिशाप) से पीड़ित रहेंगे, उनकी यातना एक दिन के लिए भी कम नहीं होगी और न उन्हें क़ियामत के दिन मोहलत दी जाएगी।