فَٱذۡكُرُونِيٓ أَذۡكُرۡكُمۡ وَٱشۡكُرُواْ لِي وَلَا تَكۡفُرُونِ ١٥٢
अतः तुम मुझे याद करो,77 मैं तुम्हें याद करूँगा।78 और मेरा शुक्र अदा करो तथा मेरी नाशुक्री न करो।
फ़ुटनोट
77 अर्थात मेरी आज्ञा का अनुपालन और मेरी आराधना करो।
78 अर्थात अपनी क्षमा और पुरस्कार द्वारा।
तफ़सीर
तुम मुझे अपने दिलों और शारीरिक अंगों द्वारा याद करो; मैं तुम्हारी प्रशंसा करके और तुम्हें संरक्षण प्रदान करके तुम्हें याद रखूँगा। क्योंकि बदला कार्य के समान ही मिलता है। तथा मेरी उन नेमतों का शुक्रिया अदा करो, जो मैंने तुम्हें प्रदान की हैं, और उनका इनकार करके और उन्हें हराम चीज़ों में इस्तेमाल करके मेरी नाशुक्री न करो।