सूरह Al-Baqarah, आयत 14

2:14

وَإِذَا لَقُواْ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ قَالُوٓاْ ءَامَنَّا وَإِذَا خَلَوۡاْ إِلَىٰ شَيَٰطِينِهِمۡ قَالُوٓاْ إِنَّا مَعَكُمۡ إِنَّمَا نَحۡنُ مُسۡتَهۡزِءُونَ ١٤

तथा जब वे ईमान लाने वालों से मिलते हैं, तो कहते हैं कि हम ईमान ले आए और जब अकेले में अपने शैतानों (प्रमुखों) के साथ होते हैं, तो कहते हैं कि निःसंदेह हम तुम्हारे साथ हैं। हम तो केवल उपहास करने वाले हैं।

तफ़सीर

जब वे मोमिनों से मिलते हैं, तो उनके डर से कहते हैं : हम उसपर ईमान लाते हैं जिसपर तुम ईमान लाते हो। और जब वे ईमान वालों के पास से अपने सरदारों की ओर वापस लौटते हैं और उनके साथ एकांत में होते हैं, तो उनके साथ होने का विश्वास दिलाते हुए कहते हैं : निश्चय हम तुम्हारे साथ तुम्हारे मार्ग ही पर हैं। लेकिन हम ईमान वालों से ज़ाहिरी तौर पर, उनका मज़ाक़ उड़ाने और उपहास करने के लिए, सहमत हैं।