أَمۡ كُنتُمۡ شُهَدَآءَ إِذۡ حَضَرَ يَعۡقُوبَ ٱلۡمَوۡتُ إِذۡ قَالَ لِبَنِيهِ مَا تَعۡبُدُونَ مِنۢ بَعۡدِيۖ قَالُواْ نَعۡبُدُ إِلَٰهَكَ وَإِلَٰهَ ءَابَآئِكَ إِبۡرَٰهِـۧمَ وَإِسۡمَٰعِيلَ وَإِسۡحَٰقَ إِلَٰهٗا وَٰحِدٗا وَنَحۡنُ لَهُۥ مُسۡلِمُونَ ١٣٣
या तुम मौजूद थे, जब याक़ूब की मृत्यु का समय आया, जब उसने अपने बेटों से कहा : तुम मेरे बाद किसकी इबादत करोगे? उन्होंने उत्तर दिया : हम तेरे पूज्य और तेरे बाप-दादा इबराहीम और इसमाईल और इसहाक़ के पूज्य की इबादत करेंगे, जो एक ही पूज्य है, और हम उसी के आज्ञाकारी हैं।
तफ़सीर
या तुम उस समय उपस्थित थे, जब याक़ूब अलैहिस्सलाम की मृत्यु निकट आई। जब उन्होंने अपने बेटों से पूछते हुए कहा : तुम मेरी मृत्यु के बाद किसकी इबादत करोगे? उन्होंने उनके सवाल के जवाब में कहा : हम आपके पूज्य और आपके पूर्वजों इबराहीम, इसमाईल तथा इसह़ाक़ के पूज्य की इबादत करेंगे, जो एक अकेला पूज्य है, उसका कोई साझी नहीं। और हम अकेले उसी के प्रति समर्पित और उसी के आज्ञाकारी हैं।