सूरह Al-'Ankabut, आयत 61

29:61

وَلَئِن سَأَلۡتَهُم مَّنۡ خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ وَسَخَّرَ ٱلشَّمۡسَ وَٱلۡقَمَرَ لَيَقُولُنَّ ٱللَّهُۖ فَأَنَّىٰ يُؤۡفَكُونَ ٦١

और निश्चय यदि आप उनसे पूछें कि आकाशों और धरती को किसने पैदा किया और (किसने) सूर्य और चाँद को वशीभूत किया? तो वे अवश्य कहेंगे कि अल्लाह ने। तो फिर वे कहाँ बहकाए जा रहे हैं?

तफ़सीर

(ऐ रसूल) यदि आप इन मुश्रिकों से पूछें कि आकाशों को किसने पैदा किया? और धरती को किसने पैदा किया? तथा सूर्य और चाँद को किसने वशीभूत किया, जो एक-दूसरे के बाद आते-जाते हैं? तो वे अवश्य कहेंगे : उन्हें अल्लाह ने पैदा किया है। तो फिर वे अकेले अल्लाह पर ईमान लाने से कैसे फेर दिए जाते हैं और उसके सिवा ऐसे देवताओं की पूजा करते हैं, जो किसी लाभ या हानि के मालिक नहीं हैं?