सूरह Al-'Ankabut, आयत 6

29:6

وَمَن جَٰهَدَ فَإِنَّمَا يُجَٰهِدُ لِنَفۡسِهِۦٓۚ إِنَّ ٱللَّهَ لَغَنِيٌّ عَنِ ٱلۡعَٰلَمِينَ ٦

और जो व्यक्ति संघर्ष करता है, तो वह अपने ही लिए संघर्ष करता है। निश्चय अल्लाह सारे संसार से बड़ा बेपरवाह है।

तफ़सीर

जिस व्यक्ति ने स्वयं को आज्ञाकारिता पर उभार कर और अवज्ञा से दूर रहकर अपने आपसे संघर्ष किया और अल्लाह के मार्ग में जिहाद किया, तो वह अपने ही लिए जिहाद (संघर्ष) करता है; क्योंकि उसका लाभ उसी को मिलने वाला है। और अल्लाह सभी प्राणियों से बेनियाज़ है। अतः उनकी आज्ञाकारिता उसे बढ़ाती नहीं है और न ही उनकी अवज्ञा उसे कम करती है।