مَن كَانَ يَرۡجُواْ لِقَآءَ ٱللَّهِ فَإِنَّ أَجَلَ ٱللَّهِ لَأٓتٖۚ وَهُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡعَلِيمُ ٥
जो अल्लाह से मिलने2 की आशा रखता हो, तो निःसंदेह अल्लाह का नियत समय3 अवश्य आने वाला है। और वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने4 वाला है।
फ़ुटनोट
2 अर्थात प्रलय के दिन।
3 अर्थात प्रलय का दिन।
4 अर्थात प्रत्येक के कथन और कर्म को उसका प्रतिकार देने के लिए।
तफ़सीर
जो व्यक्ति क़ियामत के दिन बदला पाने के लिए अल्लाह से मिलने की आशा रखता हो, उसे जान लेना चाहिए कि अल्लाह ने उसके लिए जो नियमित समय नियत किया है, वह शीघ्र ही आने वाला है। और वह अपने बंदों की बातों को सुनने वाला, उनके कार्यों को जानने वाला है। उससे इनमें से कोई भी चीज़ छूट नहीं सकती और वह उन्हें इसका बदला देगा।