وَلَا يَحۡسَبَنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ سَبَقُوٓاْۚ إِنَّهُمۡ لَا يُعۡجِزُونَ ٥٩
जिन लोगों ने कुफ़्र किया, हरगिज़ न समझें कि वे बचकर निकले गए। निश्चय वे (हमें) विवश नहीं कर सकेंगे।
तफ़सीर
जो लोग काफ़िर हैं, वे हरगिज़ यह न समझें कि वे अल्लाह के दंड से छूट गए हैं और उससे बच निकले हैं। वे अल्लाह से नहीं छूट सकते और उसके दंड से नहीं बच सकते। बल्कि वह हर हाल में उन्हें पाकर रहेगा।