كَدَأۡبِ ءَالِ فِرۡعَوۡنَ وَٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِهِمۡۚ كَفَرُواْ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ فَأَخَذَهُمُ ٱللَّهُ بِذُنُوبِهِمۡۚ إِنَّ ٱللَّهَ قَوِيّٞ شَدِيدُ ٱلۡعِقَابِ ٥٢
(इनका हाल) फ़िरऔनियों तथा उनसे पहले के लोगों के हाल की तरह हुआ। उन्होंने अल्लाह की निशानियों का इनकार किया, तो अल्लाह ने उन्हें उनके गुनाहों के कारण पकड़ लिया। निःसंदेह अल्लाह बहुत शक्तिशाली, बहुत कठोर दंड वाला है।
तफ़सीर
इन काफ़िरों पर उतरने वाली यह यातना उन्हीं के लिए विशिष्ट नहीं है, बल्कि यह अल्लाह का नियम है जो वह हर समय और जगह में काफ़िरों पर लागू करता रहा है। चुनाँचे फ़िरऔन के लोग तथा उनसे पहले के समुदाय इससे पीड़ित हो चुके हैं, जब उन्होंने अल्लाह की निशानियों का इनकार किया। इसलिए अल्लाह ने उन्हें, उनके गुनाहों के कारण एक प्रभुत्वशाली और शक्तिमान की तरह पकड़ लिया और उनपर अपना दंड उतार दिया। निःसंदेह अल्लाह बहुत शक्तिशाली, अजेय और अपराजेय है, अपनी अवज्ञा करने वालों को कठोर दंड देने वाला है।