فَٱسۡتَجَبۡنَا لَهُۥ وَنَجَّيۡنَٰهُ مِنَ ٱلۡغَمِّۚ وَكَذَٰلِكَ نُـۨجِي ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ٨٨
तो हमने उनकी दुआ क़बूल की तथा उन्हें शोक से मुक्त कर दिया। और इसी तरह हम ईमान वालों को बचा लिया करते हैं।
तफ़सीर
तो हमने उनकी दुआ स्वीकार कर ली और उन्हें अंधेरों से और मछली के पेट से निकालकर, उस संकट की तीव्रता से मुक्ति प्रदान की। और जिस तरह यूनुस अलैहिस्सलाम को संकट से मुक्ति दी, उसी तरह हम मोमिनों को मुक्ति देते हैं, यदि वे किसी संकट में पड़ जाएँ और अल्लाह से दुआ करें।