يَوۡمَ نَطۡوِي ٱلسَّمَآءَ كَطَيِّ ٱلسِّجِلِّ لِلۡكُتُبِۚ كَمَا بَدَأۡنَآ أَوَّلَ خَلۡقٖ نُّعِيدُهُۥۚ وَعۡدًا عَلَيۡنَآۚ إِنَّا كُنَّا فَٰعِلِينَ ١٠٤
जिस दिन हम आकाश को पंजिका के पन्नों को लपेटने की तरह लपेट43 देंगे। जिस तरह हमने प्रथम सृष्टि का आरंभ किया, (उसी तरह) हम उसे लौटाएँगे।44 यह हमारे ज़िम्मे वादा है। निश्चय हम इसे पूरा करने वाले हैं।
फ़ुटनोट
43 (देखिए : सूरतुज़्-ज़ुमर, आयत : 67)
44 नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने भाषण दिया कि लोग अल्लाह के पास बिना जूते के, नग्न तथा बिना ख़तने के एकत्र किए जाएँगे। फिर इबराहीम अलैहिस्सलाम सर्व प्रथम वस्त्र पहनाए जाएँगे। (सह़ीह़ बुख़ारी : 3349)
तफ़सीर
जिस दिन हम आकाश को उसी तरह लपेट देंगे जिस तरह पंजिका के पन्ने पर लिखकर उसे लपेट दिया जाता है, तथा हम लोगों को उसी हाल में जमा करेंगे, जिस हाल में वे पहली बार पैदा किए गए थे। यह हमारा सच्चा वादा है जिसका उल्लंघन नहीं हो सकता। हम जो वादा करते हैं, उसे पूरा करने वाले हैं।