सूरह Al-Anbiya, आयत 100

21:100

لَهُمۡ فِيهَا زَفِيرٞ وَهُمۡ فِيهَا لَا يَسۡمَعُونَ ١٠٠

उनकी साँस चढ़ी होगी (तेज़ साँसें निकलेंगी) तथा वे उसमें (कुछ) नहीं सुन सकेंगे।

तफ़सीर

उसमें (दर्द की तीव्रता से) उनकी साँसे ज़ोर-ज़ोर से निकल रही होंगी, तथा जहन्नम में उन्हें पहुँचने वाली भयानक भयावहता की तीव्रता से वे कोई आवाज़ नहीं सुनेंगे।