सूरह Al-An'am, आयत 74

6:74

۞ وَإِذۡ قَالَ إِبۡرَٰهِيمُ لِأَبِيهِ ءَازَرَ أَتَتَّخِذُ أَصۡنَامًا ءَالِهَةً إِنِّيٓ أَرَىٰكَ وَقَوۡمَكَ فِي ضَلَٰلٖ مُّبِينٖ ٧٤

तथा जब इबराहीम ने अपने पिता आज़र से कहा : क्या आप मूर्तियों को पूज्य बनाते हो? निःसंदेह मैं आपको तथा आपकी जाति को खुली पथभ्रष्टता में देखता हूँ।

तफ़सीर

और (ऐ रसूल!) उस समय को याद करें, जब इबराहीम अलैहिस्सलाम ने अपने मुश्रिक पिता आज़र से कहा : ऐ मेरे पिता जी! क्या आप मूर्तियों को पूज्य बनाकर अल्लाह के अलावा उनकी पूजा करते हैं?! मैं आपको और आपकी जाति के लोगों को, जो मूर्तियों की पूजा करने वाले हैं, तुम्हारे अल्लाह के अलावा की पूजा करने के कारण सत्य के मार्ग से खुली गुमराही और भ्रम में देखता हूँ। क्योंकि वही महिमावान अकेला सत्य पूज्य है और उसके सिवा दूसरे असत्य पूज्य हैं।